मध्य भारत में प्रकृति यदि अपने नैसर्गिक रूप में यदि कहीं विद्यमान है। तो वह निश्चित रूप से बुंदेलखंड का पन्ना जिला है। हीरों के इस क्षेत्र का नाम पन्ना यहाँ स्थित पद्मावती देवी के मंदिर के नाम पद्मा पड़ा जो कि कालातंर में अपभ्रंश होते हुये पन्ना हो गया था । यह क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सम्पदा के साथ प्रागैतिहासिक काल के अवशेषों की उपस्थिति संजोये हुये है। यह क्षेत्र रामापण काल मे भगवान श्री राम के वनगमन पथ का एक भाग रहा चित्रकूट प्रयाण के पश्चात भगवान श्री राम ने आगे के मार्ग के लिए इस क्षेत्र में प्रवेश किया था यहां उनकी मुलाकात अगस्त्य मुनि से हुयी थी । महाभारत काल में अज्ञात वास के समय निवास के प्रमाण स्वरूप साक्ष्य पांडव फाल भी स्थित है। इसके अतिरिक्त देवर्षि वृहस्पति की तपस्थली एन अदभुत् वृहस्पति कुंड भी है। यहाँ गोंड राजाओं का शासन रहा जिस् से आदिवासी संस्कृति इस क्षेत्र में पल्लवित हुयी । यहाँ पर गुप्त काल के समकालीन वाकाटक राजवंश का उदय हुआ राजा रुद्रसेन द्वितीय का विवाह प्रतापी राजा चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य की पुत्री प्रभावती गुप्ता के साथ सम्पन्न हुआ था। इसके अतिरिक्त इस राजवंश में प्रवर सेन प्रथम भी प्रमुख शासक था। नाचना का चौमुखा नाथ मंदिर वाकाटक- गुप्त स्थापत्य शैली का प्रमुख उदाहरण है। तत्पश्चात यह क्षेत्र चंदेल राजाओं के अधिकार में आ गया । मुगलों के आधीनता काल में यहाँ बुंदेला राजा छत्रसाल का उदय हुआ जिन्होंने इस क्षेत्र को अपनी राजधानी के रूप मे विकसित किया इस काल को बुदेलखण्ड एवं पन्ना जिले के स्वर्णकालीन समय मे से एक माना जाता है । इनके गुरु महामत्ति प्राण नाथ द्वारा स्थापित परनामी सम्प्रदाय का यह वैश्क्कि केंद्र है। राजा छबसाल द्वारा निर्मित जुगल किशोर मंदिर पन्ना मे वृंदावन धाम का भाव देता है। देश की पर्यावरणीय स्वच्छतम नदियों में से एक केन नदी पन्ना जिले से होकर गुजरती है । इसका पौराणिक नाम शुक्तिमती था। केंद्र की महत्वाकाक्षीं परियोजना केन वेतवा लिंक परियोजना का यह नदी एक भाग है।
पन्ना का मंडला गांव यू . एन . की ईको निलेज लिस्ट में शामिल है। यहाँ के होम स्टे बुंदेली संस्कृति से संबंधित पकवान सांस्कृतिक कार्यक्रम सैलानियों को आकर्षित करने का माध्यम बन रहे हैं। केन घड़ियाल सेंचुरी भी एक अद्भुत प्राकृतिक क्षेत्र है। इसके साथ ही पन्ना राष्ट्रीय उधान एवं वाघ अभ्यारण्य भी इस जिले को विशिष्ट प्राकृतिक क्षेत्र बनाते है।
हीरो का खनन एवं मंझगवा खदान से आम व्यक्ति को भी उत्खनन के माध्यम से हीरे की प्राप्ति का अवसर मिल जाता है। इसके अतिरिक्त जे के सीमेंट फैक्ट्री भी आधुनिक रोजगार का एक वड़ा माध्यम है।